क्यों पृथ्वी इतनी तेज़ घूम रही है ? क्या दिन पहले से छोटे हो रहे हैं ?

2020 कई मायनों में बहुत यादगार साल था , महामारी और कई प्राक्रतिक आपदाओं ने इस साल जीवन मुहाल कर दिया था , हम सभी  चाहते थे  कि हम इस कठिन वर्ष से जितनी जल्दी हो सके बाहर निकलें ,लेकिन  लगता है कि पृथ्वी कुछ इसी  तरह से महसूस कर रही थी  – यह हाल ही में असामान्य रूप से तेजी से घूम रहा थी । 1960 के बाद से 2020 में 28 सबसे छोटे दिन शामिल थे।  पृथ्वी 50 वर्षों में अपनी सबसे तीव्र गति से घूम रही है |

पृथ्वी अपनी धुरी पर एक चक्कर 24 घंटे से कम समय में पूरा कर रही है , पिछले वर्ष जुलाई से यह परिवर्तन लगातार दिखाई दे रहा है | आखिर ऐसा क्यूँ हो रहा है आइये इसको विस्तार से जानते हैं |

2020 में रिकॉर्ड सबसे छोटे  दिन (Shortest Day ) थे

इस वर्ष के शुरू होने से पहले, 1973 के बाद से सबसे छोटा  दिन 5 जुलाई 2005 को था , जब पृथ्वी  अपनी धुरी पर 1.0516 मिलीसेकंड जो की  86,400 सेकंड से कम था पर घूम रही थी ।

लेकिन 2020 के मध्य में, पृथ्वी ने उस रिकॉर्ड को 28 बार तोड़ दिया जो खुद अपने आप में एक record है । साल  का सबसे छोटा दिन 19 जुलाई को आया, जब पृथ्वी ने अपना रोटेशन 1.4602 मिलीसेकंड में 86,400 सेकंड से कम समय में पूरा किया।

पृथ्वी के घूमने की गति उसके पिघले हुए कोर, महासागरों और वायुमंडल की जटिल गति, और अन्य प्रभावों के कारण लगातार बदलती रहती है। लेकिन पृथ्वी के इतनी तीव्रता से घूमने की वजह से पृथ्वी के सभी देशों के समय में भी परिवर्तन हो रहा है |

Atomic Clocks पृथ्वी की अनियमित गति को उजागर करती हैं

पृथ्वी एक बेहतरीन Timekeeper है: औसतन, सूर्य के संबंध में, यह हर 86,400 सेकंड में एक बार घूमता है, जो 24 घंटे या एक सौर दिन (Solar Day ) के बराबर होता है।

लेकिन यह सही नहीं है। जब 1960 के दशक में अत्यधिक सटीक Atomic Clocks को विकसित किया गया था, तो उन्होंने दिखाया कि एक Solar Day  की लंबाई मिलीसेकंड (1 मिलीसेकंड = 0.001 सेकंड) से परिवर्तित होती रहती है।

क्या सचमुच दिन छोटा हो गया है

एक British Website “Daily Mail “ के अनुसार पिछले कई वर्ष से पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमने में 24 घंटे से अधिक का समय ले रही थी पर जुलाई 2020 से यह समय लगातार कम हो रहा है | जुलाई 19, 2020 नियमित 24 घंटों की तुलना में 1.4602 मिलीसेकेंड कम था |

अगर वर्तमान समय की बात करें तो पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूमने का समय 0.5 मिलिसेकंड तक कम हो चुका है | इसका सीधा सा अर्थ है की हमारा दिन अब 24 घंटे से 0.5 मिलिसेकंड कम हो चुका है |

2021 में भी दिन लगातार छोटा होगा

पृथ्वी की घूर्णी गति  (Earth’s Rotational Speed  ) की निगरानी करने वाले वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि 2021 में भी दिन का समय बढ़ने  की संभावना कम होगी।

उनकी गणना के अनुसार, 2021 में एक औसत दिन 86,400 सेकंड से 0.05 M.S. कम होगा। पूरे वर्ष के दौरान, Atomic Clock  ने लगभग 19 M.S. का अंतराल Record किया होगा।

वास्तव में, वर्ष 2021 को दशकों में सबसे छोटा होने का अनुमान है। आखिरी बार 1937 में पूरे वर्ष में एक औसत दिन का समय  86,400 सेकंड से कम था |

Leap Second की मदद से पृथ्वी के समय को Sync किया जाता है

यदि Atomic Clock के Super-Steady Beat और पृथ्वी का rotation को Synchronize करने के लिए उसमे एक Positive या Negative , Leap Second को जोड़ दिया जाता है |

Leap Second को मानने की शुरुआत 1970 में हुई थी | अभी तक लगभग 27 Positive Leap Second जोड़े जा चुके है | क्यूंकि उस समय पृथ्वी की Rotation Speed कम थी | पर जिस प्रकार पृथ्वी की गति लगातार बढ़ रही है हमे जल्दी ही Negative Leap Second का प्रयोग करना पड़ सकता है | इसका अर्थ होगा की पृथ्वी की गति Atomic Clock से आगे निकल जाएगी |

हम कैसे जानते हैं कि पृथ्वी तेजी से चल रही है

दिन की लंबाई की आधिकारिक माप International Earth Rotation And Reference Systems Service (Iers)  द्वारा की जाती है।

एक दिन की वास्तविक लंबाई निर्धारित करने के लिए, Iers वैज्ञानिक सटीक क्षणों को मापकर पृथ्वी के घूमने की सटीक गति निर्धारित करते हैं, एक निश्चित तारा प्रत्येक दिन आकाश में एक निश्चित स्थान से गुजरता है। इस माप को  Universal Time  (Ut1),जो कि  एक प्रकार का Solar Time  के रूप में व्यक्त किया जाता  है।

उसके बाद Ut1 की तुलना  International Atomic Time  (Tai) से की जाती है, जो एक बेहद सटीक  Time Scale है जो दुनिया भर की प्रयोगशालाओं में बनाई गई 200 Atomic Clock  के समय पर निर्भर होता है |

एक दिन की सही लंबाई 24 घंटे से अधिक Tai से Ut1 के विचलन द्वारा व्यक्त की जाती है।

पृथ्वी गति बढ़ने से क्या नुक्सान हो सकते हैं –

अगत पृथ्वी की गति लगातार बढती जाती है तो इससे काफी दिक्कतें आ सकती हैं क्यूंकि पूरे विश्व मे सारे Satellite और Communication Device का समय Solar Time के अनुसार निर्धारित किया जाता है | तो अगर पृथ्वी की गति बढती है तो इन सभी का समय गड़बड़ा जाएगा | International Telecommunication Union  के कुछ वैज्ञानिकों ने “Leap Hour ” की आवश्यकता होने तक Astronomical और  Atomic Time  के बीच की अंतर को बढाने  का सुझाव दिया है, जो Telecommunication  के लिए व्यवधान को कम करेगा।

Earth’s Rotation Day

Source Evm.com

8 जनवरी Earth’s Rotation Day है। इस दिन  French Physicist, Leon Foucault ने 1851 में पृथ्वी को अपनी धुरी पर घूमने को Demonstrate करके दिखाया था |

अपने सिद्धांत को साबित करने के लिए, Foucault  ने एक सीसा (Lead ) से भरे पीतल के गोले (Brass Sphere )  को निलंबित कर दिया जिसे अब  Pantheon In Paris के ऊपर से Foucault Pendulum  कहा जाता है।

उन्होंने दिखाया कि पेंडुलम के झूले का Plane  पृथ्वी के घूमने (Earth’s Rotation ) के सापेक्ष घूमता है। अब आप दुनिया भर के Science Museums में पृथ्वी के घूमने का प्रदर्शन करने वाले Foucault Pendulum  को देख सकते हैं।

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