वैज्ञानिकों ने पता लगाया की 800,000 वर्ष पहले धरती के किस हिस्से से टकराया था उल्का पिंड

लगभग 800 ,000 वर्ष पहले एक बहुत ही तीव्र गति से आती हुई विशालकाय Space Rock पृथ्वी से टकराई थी | इस 1.2 मील चौड़ी ( 1.9 किमी चौड़ी ) उल्का के मलबे (Meteorite Flung Debris ) से पृथ्वी के 10 प्रतिशत भाग पर प्रभाव पड़ा |

इस घटना के हज़ारो साल के बाद आखिरकार वैज्ञानिकों ने इस प्राचीन उल्का के मलबे को ढून्ढ निकाला है यह मलबा उन्हें Glass blobs के रूप में मिला है जिसे Tektities कहा जाता है , यह ,मलबा Asia , Australia और Antarctica में पाया गया है | पर अभी तक Researchers को वह जगह ज्ञात नहीं हो पाई थी जहा यह उल्का पिंड (Meteorite) पृथ्वी से टकराया था | दुनिया भर के वैज्ञानिक कई सदियों से उस जगह को तलाश कर रहे थे पर उन्हें इसमें सफलता नहीं मिल पा रही थी |

The National Academy Of Sciences के एक नए Journal  में प्रकाशित एक शोध के अनुसार वैज्ञानिकों ने उस जगह के बारे में बताया है जहाँ उनके अनुसार अन्तरिक्ष से आकर एक बढ़ी चट्टान पृथ्वी से टकराई थी यह दक्षिणपूर्व लाओस में एक ज्वालामुखी क्षेत्र (A Volcanic Field In Southeastern Laos) है |

Kerry Sieh, इस शोध के प्रमुख लेखक ने अपने एक Interview में CNN को बताया कि Northern Cambodia से  Central Laos, और  Southern China, से लेकर  Eastern Thailand और  Offshore Vietnam तक सभी जगहों पर कई बार इस घटना के प्रभावों को जानने के लिए खोज की गई |

Sieh की टीम ने इस बात के पक्के साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं कि उल्का पिंड की टक्कर से बनने वाला गड्ढा (Crater ) इसी इलाके में ज़मीन के अन्दर दफन है इसी कारण Researchers उसे पहले नहीं ढून्ढ पाए |

जब कोई उल्का पिंड धरती से टकराता है तो उसका क्या प्रभाव पड़ता है

जब कोई उल्का पिंड धरती से या किसी अन्य गृह से टकराता है तो जिस जगह पर यह उल्का पिंड (Meteorite ) टकराता है तो  चट्टानें बहुत अधिक गर्म हो जाती हैं और टूटकर पूरे आकाश में बिखर जाती हैं |  यह Liquefied Rocks फिर ठंडी होकर Tektites में बदल जाती है | जहां Tektites  बिखरे हुए हैं, वहां की जांच करके, वैज्ञानिक उन उल्कापिंडों की उत्पत्ति का पता लगा सकते हैं जिनकी वजह से यह Tektites बने हैं |

Tektites

इस टक्कर की घटना में Scientist को जो Tektites मिले उनसे  Scientist को यह पता चला कि लगभग 800,000 साल पहले एक बहुत बड़ा उल्का पिंड पृथ्वी की सतह पर  तीन महाद्वीपों में कहीं  टकराया था जहाँ उन्हें यह Glass Bits मिले हैं

Tektites की सबसे अधिक Density Indochina में पाई गई है  प्रायद्वीप जो कंबोडिया, लाओस, और वियतनाम से मिलकर बनता है Crater की खोज के लिए उत्तम जगह सिध्द हुई है |

इस शोध के लेखकों के अनुसार  अगर एक बहुत बड़ा उल्का पिंड अगर पृथ्वी से टकराता है तो वह पृथ्वी की सतह पर एक बहुत बड़ा निशान छोड़ता है और धरती की सतह में 300 फीट (91.4 मीटर ) तक धंस जाता है | Australian Planetary Scientist Aaron Cavosie जो कि इस Study से जुड़े नहीं है ने Newyork Times को बताया की  यह एक बहुत ही मुश्किल आकार का गड्ढा है जिसे ढूँढना आसान नहीं है | यह Crater Tectonic plates के Shifting के दौरान अन्दर चला जाता है या फिर  कटाव (Erosion) के कारण नष्ट होने लगता है जबकि Indochina हमारे ग्रह का एक अपेक्षाकृत स्थिर हिस्सा है |  

Sieh ने इस Crater की खोज के दौरान तीन प्राचीन जगह जहाँ इस टक्कर का प्रभाव हुआ था Cambodia, Central Laos, और Southern China पर सबसे पहले खोज प्रारम्भ की | पर हर Crater लाखों वर्ष पुराना था | पर फिर Southern Laos के क्षेत्र में Bolaven Plateau पर Researchers को लावा में उस समय के Crater के निशान प्राप्त हुए यह लगभग 51,000 और 780,000 साल पुराने थे |

विस्फोट की वजह से उस 2,300 Square-Mile (6,000-Square-Kilometre) पठार ( Plateau ) पर लावा की 1,000 फीट (300 Metres)  का गड्ढा  बन गया था   इतना बढ़ा ज्वालामुखी क्षेत्र (Volcanic Field ) एक Meteorite Crater को छुपाने के लिए पर्याप्त है |

Laos में ही उल्का पिंड टकराया था इसके लिए कई साक्ष्य है  

Source https://www.businessinsider.in/science/news/one-of-the-biggest-meteorite-crashes-in-earths-history-flung-debris-across-3-continents-800000-years-ago-scientists-finally-found-the-crater-/articleshow/73196352.cms

अपने निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए Sieh की टीम ने चट्टानों ज्वालामुखी क्षेत्र की चट्टानों की तुलना उल्का पिंड से प्राप्त Tektites से की और वह पूरी तरह मिल गई |

इसके बाद उन्होंने Bolaven Plateau के आस पास Gravitational Fields को नापा | Researchers को एक  भूमिगत (Underground),  अंडाकार (Elliptical Area) मिला जो  300 Feet (90 Metres) मोटा  , 11 Miles (18 Kilometres) लम्बा , और  8 Miles (13 Kilometres) चौड़ा था और यहाँ पर  Gravitational Field बहुत ही अजीब था |

क्यूंकि Craters के अन्दर जो Material होता है वो आस पास की चट्टानों से कम घनत्व ( Less Dense ) का होता है इसलिए उनमे गुरुत्वाकर्षण  (Gravitational Pull) कम होता है |

Laotian Volcanic Field में इस प्रकार के गुरुत्वाकर्षण पाए जाने से यह संकेत मिलता है कि यहाँ कोई Subterranean Crater हो सकता है |  इसके साथ ही यह भी पाया गया कि Potential Impact Crater के ऊपर जो लावा है वो 800,000 से कम पुराना है |

Kerry Sieh ने बताया कि इस घटना का एक प्रमुख साक्ष्य इस Volcanic Field से 12 मील दूर पाया गया था |

इससे पहले भी कई उल्का पिंड टकरा चुके है पृथ्वी से  

यह पहला मौका नहीं था जब कोई उल्का पिंड धरती की सतह से टकराया इससे पहले भी कई उल्का पिंड धरती से टकरा चुके है | जब भी कोई उल्का पिंड धरती से टकराता है तो उस क्षेत्र में बहुत नुक्सान होता है | Astronomers  का मानना ​​है कि लगभग 6.6 मिलियन साल पहले 10 किमी व्यास (Diameter)  का एक उल्कापिं(meteorite ) पृथ्वी से टकराया था। यह उल्का पिंड मेक्सिको के युकाटन (Yucatan Peninsula of Mexico )प्रायद्वीप से टकराया। ऐसा माना जाता है कि इस टक्कर के कारण पूरी धरती कांप गई और एक ही झटके में विशालकाय डायनासोर का अंत हो गया। उस समय, धरती पर मौजूद अधिकांश पौधे और जानवर भी उस टक्कर के शिकार हो गए थे | इस घटना को ही डायनासोर युग का अन्त माना जाता है |

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