पृथ्वी दिवस क्या है , और इसका महत्त्व क्या है ?

हर वर्ष 22 अप्रैल को हम Earth Day मनाते हैं | प्रकृति की देखभाल करना हमारा एक महत्वपूर्ण कर्तव्य है क्यूंकि प्रकृति है तो हम हैं अगर प्रकृति में असंतुलन हो जाता है तो इसके भयावह परिणाम देखने को मिलते हैं | हम किसी न किसी प्रकार से इस काम में अपना योगदान दे सकते है चाहे  पेड़ लगाकर , या नदियों की गन्दगी साफ़ कर के , या Eco _Friendly उत्पाद खरीद कर या पोलेथीन का उपयोग बंद कर | योगदान चाहे छोटा हो पर उसका महत्त्व बहुत अधिक होता है |

“ हम प्रकृति को नुक्सान पहुंचा रहे हैं इसका मतलब है कि हम भगवान की दी हुई नेमत को ठुकरा रहे है | “

Earth Day की  51 वी  वर्षगाँठ   THE 51ST ANNIVERSARY OF EARTH DAY

22अप्रैल 2021 को हम Earth Day की 51 वी   वर्षगाँठ मना रहे हैं | हर साल Earth Day को एक नयी थीम के साथ मनाया जाता है इस साल की थीम है “ Restore Our Earth “ मतलब धरती का जीर्णोद्धार | यह कितना आवश्यक है यह हम सभी समझ सकते है हम मनुष्यों ने अपने लालच के लिए अपनी धरती को बहुत अधिक नुक्सान पहुंचा रहे हैं

| हम लगातार पेड़ों को काट रहे हैं | नदियों को गन्दा कर रहे हैं | हमारी सुन्दर धरती को कचरे का ढेर बना रहे हैं | शायद इसीसलिए कई बार प्रक्रति अपना रौद्र रूप दिखाकर हमे यह एहसास दिलाती है की अगर हम न संभले तो परिणाम कितना भयानक हो सकता है |

Earth Day क्या है और इसकी शुरुआत कैसे हुई ?

कभी आपने सोचा है कि Earth Day  की शुरुआत कैसे हुई? पहला Earth Day  22 अप्रैल, 1970 को आयोजित किया गया था, जब सैन फ्रांसिस्को के कार्यकर्ता जॉन मैककोनेल और विस्कॉन्सिन सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने अलग से अमेरिकियों को जमीनी स्तर पर प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कहा था। जहरीले पेयजल, वायु प्रदूषण, और कीटनाशकों के प्रभाव से संबंधित खतरनाक रूप से गंभीर मुद्दों से निपटते हुए, एक प्रभावशाली 20 मिलियन अमेरिकी-आबादी का 10%-एक साथ सड़क पर और विरोध प्रदर्शन के लिए उतर आया था |

राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने पर्यावरण संरक्षण एजेंसी बनाने का फैसला किया , जिसने स्वच्छ वायु अधिनियम, स्वच्छ जल अधिनियम और लुप्तप्राय प्रजाति अधिनियम सहित सफल कानूनों  को लागू करने में मदद की |

मैककोनेल ने मूल रूप से spring equinox  (20 मार्च, 1970) को चुना था, लेकिन नेल्सन ने 22 अप्रैल को चुना, और यही Earth Day की आधिकारिक तिथि बन गई |

Earth Day का इतिहास  ( History Of Earth Day )

1970: अमेरिका में 22 अप्रैल को पहला Earth Day आयोजित किया गया।

1990: 141 देशों में 200 मिलियन लोग भाग लेते हैं – पर्यावरण के मुद्दे वैश्विक (Global) हो जाते हैं।

1992: Earth Day  से दबाव, रियो डी जनेरियो में संयुक्त राष्ट्र  पृथ्वी शिखर सम्मेलन का (United Nations Earth Summit in Rio de Janeiro ) मार्ग प्रशस्त करता है, जिसमें पर्यावरण संबंधी चिंताओं को केंद्र में रखा गया है। इस शिखर सम्मेलन में UKकी प्रतिक्रिया के हिस्से के रूप में Energy Saving Trust  बनाया गया था।

1994: यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (UNFCCC) ने रियो डी जनेरियो बैठक के बाद इसकी पुष्टि की, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन पर (गैर-बाध्यकारी ((non-binding)) सीमाएँ शुरू की।

2000: 184 देश और करोड़ों लोग global warming  और स्वच्छ ऊर्जा पर कार्रवाई की मांग करते हैं।

2010: ए बिलियन एक्ट्स ऑफ़ ग्रीन (A Billion Acts of Green ) और द कैनोपी प्रोजेक्ट (The Canopy Project  )लॉन्च किया गया। 192 देशों में 75,000 से अधिक वैश्विक भागीदार  इस प्रक्रिया में संलग्न हैं।

2015: जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा Earth Day  को चुना गया।

2020: 2020 की घटना ने वैश्विक जलवायु कार्रवाई के 50 साल पूरे होने का जश्न मनाया, जिसका लक्ष्य वैश्विक स्तर पर एक अरब लोगों को शामिल करना है।

2021: Earth Day  2021 अमेरिका में Joe Biden  प्रशासन के वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन (global climate summit )के साथ चलेगा और यह एक Virtual Celebration होगा यह डिजिटल और live होगा |

इसका कारण तो हम सभी को ज्ञात है कि Corona Virus के द्वारा उत्पन्न परिस्तिथियों में यही उपयुक्त है |

Earth Day को कैसे मना सकते है ? ( How to Celebrate Earth Day ? )

प्रक्रति हमे बहुत कुछ देती है इसलिए उसके लिए हमारे भी कुछ कर्तव्य होना चाहिए | यह आवश्यक नहीं की Earth Day को मनाने के लिए हम सेमीनार रखें , पार्टी करें या फिर कोई भाषण दे इन सबसे प्रक्रति को कोई फर्क नहीं पड़ता अगर सचमुच अपनी प्रक्रति से प्यार करते हैं तो हमे Earth Day को कुछ इस तरह मनाना चाहिए |

1 . नए पौधों को लगाकर – हम लगातार अपनी आवश्यकताओं की पूर्ती के लिए पेड़ काटते जा रहे हैं जिससे वातावरण में असंतुलन पैदा हो रहा है समय पर बारिश नहीं होती तो कभी बहुत ज्यादा होती है , कभी बहुत ज्यादा गर्मी पड़ती है तो कभी बहुत सर्दी | अगर हम चाहते है कि वातावरण में संतुलन बना रहे तो हमे जितना संभव हो पेड़ लगाना चाहिए और उनकी देखभाल करनी चाहिए |

2. नदियों को दूषित होने से बचाना चाहिए – आज हम देखते हैं कि सभी नदिया कचरे का ढेर बनती जा रही हैं | कई नदियों का पानी तो अब पीने लायक भी नहीं रह गया है | कारखानों से निकलने वाले केमिकल और हमारे द्वारा की गई गन्दगी से नदियों का हाल बेहाल हो चूका है |

वैसे तो सरकार इस दिशा में काफी काम कर रही है पर आम नागरिको के सहयोग के बिना यह असंभव है |

3 . Eco Friendly उत्पादों का प्रयोग अधिक से अधिक करें –

जहां तक संभव हो ऐसे उत्पादों का प्रयोग न करें जिनसे पर्यावरण को नुक्सान पहुँचता है |

जिसमे सबसे प्रमुख है पोलीथीन | पोलीथीन को नष्ट होने में सैकड़ों साल लग सकते हैं और  यह हमारी सुन्दर धरती के लिए अभिशाप की  तरह है कई जीव जंतु इसे खाकर मर जाते है |

इसको जलाने पर वायु प्रदूषित होती है इसलिए पोलीथीन का प्रयोग कम से कम करें |

4. खेतों में जैव खाद का प्रयोग करें  – रासायनिक खाद से धरती की उपजाऊता कम होती है और फसल पर भी इसका प्रभाव पड़ता है इसलिए रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद का प्रयोग किया जाना बहतर है |

5. वाहनों और कारखानों से निकलने वाले धुंए से वायु प्रदूषित हो रही है इसके लिए जहाँ तक संभव हो वाहनों का प्रयोग कम करें अगर कहीं पास जाना है तो पैदल या साइकिल का प्रयोग करें |

आज  के युवा और बच्चे ही आगे चलकर इस धरती का प्रतिनिधितिव करेंगे इसलिए यह आवश्यक है कि हम उन्हें अपनी पृथ्वी और पर्यावरण के महत्त्व के बारे में जागरूक करें ताकि वो पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूक हो सकें | इस समय हमारी धरती COVID – 19 के प्रकोप को झेल रही है सभी अपने घरों में है और इस समय शायद पृथ्वी सुकून की सांस ले रही होगी |2020 के lockdown के बाद नदियों का पानी काफी साफ़ हो गया था , वायु में प्रदुषण का स्तर भी कम हो गया था |

इस Earth Day पर हमे यही संकल्प लेना है कि हम जहाँ तक हो सकेगा अपनी पृथ्वी को सुरक्षित रखने का प्रयास करेंगे |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *