बच्चो में खराब पोषण की वजह से 20 cm ऊँचाई में अंतर आ सकता है |

एक नए वैश्विक विश्लेषण  (global analysis )ने दुनिया भर में स्कूल-आयु वर्ग के बच्चों और किशोरों की ऊंचाई और वजन का आकलन किया है। अध्ययन से पता चला है कि स्कूल जाने वाले  बच्चों की ऊंचाई और वजन, जो उनके स्वास्थ्य और उनके आहार की गुणवत्ता के संकेतक हैं, काफी भिन्न होते हैं।

एक सर्वे में , जिसमें 193 देशों में 5  से 19 वर्ष की आयु के 65 मिलियन बच्चों के डेटा का उपयोग किया गया था, ने खुलासा किया कि स्कूल जाने वाले  बच्चों की ऊंचाई और वजन, जो उनके स्वास्थ्य और उनके आहार की गुणवत्ता के अनुसार होता  हैं, दुनिया भर में बहुत भिन्न होते हैं।

सबसे बड़े  और सबसे छोटे देशों में 19 साल के बच्चों में 20 सेमी का अंतर था – यह लड़कियों के लिए आठ साल के विकास और लड़कों के लिए छह साल के विकास के अंतराल को दर्शाता है |  उदाहरण के लिए, अध्ययन से पता चला है कि बांग्लादेश(Bangladesh) और ग्वाटेमाला (Guatemala ) में औसत 19 वर्षीय लड़की (जिन देशों में लड़कियों की ऊँचाई कम होती है ) की ऊंचाई नीदरलैंड (Netherland )की 11 साल की लड़की के  ऊँचाई के सामान होती  है|

इस survey से यह भी पता चला कि पोषक आहार ,विशेष रूप से गुणवत्ता वाले भोजन की कमी, विकास और बचपन में  मोटापे में वृद्धि हो सकती है इस कमी से बच्चो के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है और उनका विकास रुक जाता है |

एक survey  जिसमें 1985 से 2019 तक के Data  की जानकारी दी गई, ने बताया कि 2019 में सबसे अधिक 19 साल के बच्चे उत्तर-पश्चिम और मध्य यूरोप में थे, और इसमें नीदरलैंड, मोंटेनेग्रो, डेनमार्क और आइसलैंड शामिल थे।

2019 में सबसे कम 19 साल के बच्चों वाले  देश ज्यादातर दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया, लैटिन अमेरिका और पूर्वी अफ्रीका में थे, जिनमें Timor-Leste, Papua New Guinea, Guatemala और  Bangladesh  शामिल थे।

35-वर्ष की अवधि के बच्चों की औसत ऊंचाई में सबसे बड़ा सुधार उभरती अर्थव्यवस्थाओं जैसे चीन, दक्षिण कोरिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में देखा गया। उदाहरण के लिए, चीन में 2019 में 19 साल के लड़के 1985 की तुलना में 8 सेमी लम्बे थे, उनकी वैश्विक रैंक 1985 में 150 वें सबसे बड़े से 2019 में 65 वें स्थान पर आ गई। बच्चों, विशेषकर लड़कों की ऊंचाई, के विपरीत, Sub-Saharan African nations में एक स्थिरता देखी गई |

ब्रिटेन में  Global height ranking  पिछले 35 वर्षों में सुधार नहीं हुआ है, जिसमें 19 वर्षीय लड़के 1985 में (176.3 सेमी) से 2019 में (39.2 सेमी) से 39 वें स्थान पर (178.2 सेमी) और 19 साल की लड़कियां 42 वें (162.7 सेमी)  से 49 वें (163.9 सेमी) कम हुई हैं।  

इस survey  में  बच्चों के Body Mass Index (BMI ) का भी आकलन किया – ऊंचाई के अनुसार  वजन अनुपात, जो इस बात का संकेत देता है कि क्या किसी व्यक्ति की ऊंचाई के अनुसार उसका  स्वस्थ वजन उपयुक्त  है। विश्लेषण में पाया गया कि सबसे बड़े BMI  के साथ 19 साल के बच्चे Pacific islands, Middle East, USA और  New Zealand में पाए गए। 19 साल के बच्चों का BMI  भारत और बांग्लादेश जैसे दक्षिण एशियाई देशों में सबसे कम था। Survey  में सबसे हल्के और सबसे भारी BMI  के बीच का अंतर BMI की 9 इकाइयों के आसपास था (लगभग 25 किलो वजन के बराबर)।

शोध टीम (The research team ) ने विश्लेषण के बारे में बताया कि कई देशों में, पांच साल से कम उम्र के बच्चो का वज़न World Health Organization  (WHO ) द्वारा  बताये गये मानको के अनुसार था |  हालांकि, इस उम्र के बाद, कुछ देशों में बच्चों ने ऊंचाई में बहुत कम वृद्धि का अनुभव किया है, और स्वस्थ विकास की क्षमता की तुलना में बहुत अधिक वजन प्राप्त किया है।

टीम का कहना है कि इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण कारण स्कूल के वर्षों में पर्याप्त और स्वस्थ पोषण और रहने वाले वातावरण की कमी है, क्योंकि ऊंचाई और वजन दोनों एक बच्चे के आहार की गुणवत्ता पर निर्भर करते हैं |

इंपीरियल स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ (Imperial’s School of Public Health ) के अध्ययन के वरिष्ठ Professor Majid Ezzati  ने कहा: “कुछ देशों में बच्चे पांच साल तक स्वस्थ रूप से विकसित होते हैं, लेकिन स्कूल के वर्षों में पिछड़ जाते हैं। यह दर्शाता है कि पूर्व पोषण में सुधार में निवेश के बीच असंतुलन है। स्कूली बच्चे, और स्कूल जाने वाले बच्चों और किशोरों में यह मुद्दा COVID-19 महामारी के दौरान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जब दुनिया भर में स्कूल बंद हैं, और कई गरीब परिवार अपने बच्चों के लिए पर्याप्त पोषण प्रदान करने में असमर्थ हैं। “

Imperial’s School of Public Health  के अध्ययन के प्रमुख Dr Andrea Rodriguez Martinez  ने कहा, “इन survey के परिणामों को नीतियों में परिवर्तित होना  चाहिए जो उपलब्धता को बढ़ाते हैं और पौष्टिक खाद्य पदार्थों की लागत को कम करते हैं, क्योंकि इससे बच्चो की ऊँचाई उनके वज़न के अनुसार बढ़ सके ।”

इन उद्देश्यों के पूर्ती हेतु पौष्टिक खाद्य पदार्थों के  वाउचर, और मुफ्त स्वस्थ विद्यालय भोजन कार्यक्रम शामिल हैं, जो विशेष रूप से महामारी के दौरान लगभग बंद हो गए  हैं। इससे बच्चो को उनकी ऊँचाई के अनुसार वज़न प्राप्त कर पाएंगे |

यह survey , Wellcome Trust, AstraZeneca Young Health Programme, European Union द्वारा किया गया है |

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