क्रत्रिम पेड़ जो की ज़मीन के अन्दर के पानी को बाँध कर रखेंगे |Synthetic trees could tap underground water in arid areas

यह पेड़ समुद्र के किनारे रहने वाले लोगो को  के लिए खारे पानी को शुद्ध पानी में बदलकर पीने की पानी  की कमी को पूरा करने में काफी मददगार हो सकते है …

जब आप किसी स्ट्रॉ से जूस ता पानी पीते है ….तो  जैसे ही आप स्ट्रॉ को पानी में डालते है ….थोडा सा जूस पाइप में ऊपर की और आ जाता है ….लेकिन अब वैज्ञानिको ने ऐसी डिवाइस को खोज निकाला है …..जिसकी मदद से पदों में पानी अधिक ऊँचाई तक चढ़ पाएगा ……इसकी वजह से कई क्षेत्रो में पीने के पानी की कमी को दूर किया जा सकेगा |

इस डिवाइस को सिंथेटिक tree ( Synthetic Tree ) नाम दिया गया है| यह डिवाइस ग्राउंड वाटर को प्राप्त करने में काफी मददगार साबित होगी ….खासतौर पर समुद्री किनारों वाले क्षेत्रो में ,  जहाँ पीने के पानी की कमी होती है |

क्रत्रिम पेड़ काम कैसे करता है –(How do Synthetic trees work )

पानी के अणु ( Molecule ) एक दुसरे की तरफ आकर्षित होते है | और फिर काफी सारे अणु मिलकर एक बड़ी गोल बूँद का निर्माण कर लेते है ,| कई बार पानी के अणु पानी के अलावा किसी दुसरे पदार्थ के अणु की और ज्यादा आकर्षित हो जाते है , और इसी वजह से वो बिना किसी बल ( force ) के पाइप में कुछ ऊंचाई तक चढ़ जाता है  | अगर पाइप बहुत ज्यादा पतला हो तो पानी कुछ सेमी या इंच तक भी चढ़ सकता है | वर्जिनिया टेक के jonathan Boreyko ने इस सिद्धांत के आधार पर एक नयी खोज की है |

 और इस प्रोसेस को कैपिलरी एक्शन ( Capillary Action ) कहते है | पर पानी को कुछ सेमी से ज्यादा ऊँचाई तक चढ़ने के लिए केपिलारी एक्शन की ज़रूरत पढ़ती है |

आखिरकार  Boreyko को अपनी खोज में सफलता मिल ही गई .|  पेड़ पौधों की पत्तियों से सारा दिन पानी का वाष्पीकरण ( Evaporation ) चलता रहता है | पत्तियों में मौजूद पानी भाप बनकर उड़ता रहता है |जिसकी वजह से पत्तियों के ऊतक ( TIssue ) के अन्दर सक्शन का निर्माण होता है , जिसे ज़ाय्लम ( Xylem ) कहते है | इस सक्शन की वजह से ही पानी और दुसरे पोषक तत्व ( Nutrients ) जड़ो से खिंच कर पेड़ के दुसरे बहगो तक पहुँचते है , जिसकी वजह से पेड़ का विकास होता है | और इसे सक्शन की वजह से पानी भी पेड़ की ऊपरी भाग तक पहुँच पाता है | अब Boreyko और उनकी टीम ने ऐसे सिंथेटिक पेड़ ( Synthetic tree ) बनाने का दावा किया है जो की सूखे और रेगिस्तानी क्षेत्रो में रहने वाले लोगो के लिए काफी मदगार साबित होने | इनकी मदद से काफी गहराई से भी पानी को ढूँढा जा सकेगा |

क्रत्रिम पेड़ क्या कर सकते हैं (what can Synthetic tree do )

वर्जिनिया टेक टीम ने अभी हाल ही में एक प्रोटोटाइप ( Prototype ) सिंथेटिक ट्री (Synthetic tree ) को विकसित किया है , उन्होंने एक प्लास्टिक के box के अन्दर इस tree का विकास किया है | यह एक छोटा सा पेड़ है जिसे टेबल के ऊपर रखा जा सकता है | 19 छोटे छोटे पाइप को मिलाकर पेड़ के तने को बनाया गया है | हर tube के अन्दर का व्यास ( Diameter ) एक पेन्सिल के अन्दर मौजूद lead पेन्सिल के छः गुने के बराबर है |

यह सभी पाइप एक कंटेनर ( Container ) से पानी को लेकर सिरेमिक ( Ceramic ) से  बनी पत्तियों तक ले जाते है | इन पत्तियों का आकर एक सोडा केन से कुछ बड़ा होता है , बिलकुल किसी असली पत्ती की तरह इन सेरामिक डिस्क में भी काफी सारे छोटे छोटे छेद होते हैं | वाष्पीकरण ( Evaporation ) की वजह से सक्शन का निर्माण होता है , जिसकी वजह से पानी पेड़ में ऊपर की और आता है |  टीम ने पेड़ की पत्तियों के  ऊपर कुछ मात्रा में ग्रेफाइट का छिडकाव भी किया | इसकी वजह से सिंथेटिक पेड़ की पत्तियों का रंग गहरा हो जाता है , जिसकी वजह से सूरज की या किसी लेम्प की रोशनी में उनकी सतह ज्यादा गर्म हो जाती है |और सतह जितनी ज्यादा गर्म होगी उतना ही ज्यादा वाष्पीकरण होगा और उतना ही ज्यादा पानी पेड़ की जड़ो से खिंच कर ऊपर की और आएगा | इसके बाद टीम ने पेड़ के साथ एक कुलिंग पेड़ (Cooling pad ) को भी लगाया है जो की box के उस हिस्से को ठंडा रखता है जिन्होंने पेड़ को पकड़ रखा है | जब पत्तियों में जमा हुआ पानी ठंडा होता है तो यो शुद्ध पानी में नडाल जाता है | जिसे पीने के तथा अन्य कामो में उपयोग किया जा सकता है |

क्रत्रिम पेड़ के क्या फायदे होंगे –( What is Synthetic trees Benefit )

सिंथेटिक ट्री ( Synthetic tree )ज़मीन की सतह से 100 मीटर की गहराई तक पानी को खींचने में सक्षम है | इस सिस्टम की मदद से खारे पानी को साफ़ पानी में बदला जा सकेगा |  यह पेड़ खारे पानी के खारेपन को सोख लेगा और हमें एक दम शुद्ध पानी प्राप्त होगा |  यह पेड़ ऊर्जा संरक्षण में भी काफी सहायक साबित होंगे | क्यूंकि इसके अन्दर पानी के वाष्पीकरण की क्रिया केवल सिंथेटिक पत्ती के अन्दर होती है , जिसकी वजह से इसे कम ऊर्जा की ज़रूरत पड़ती है | एक पत्ती के एक वर्ग मीटर ( लगभग 10 .8 वर्ग फीट ) से 1.6 लीटर तक पानी प्राप्त किया जा सकता है  , वो भी केवल एक घंटे में | यह खोज सूखे और खारे पानी के क्षेत्रो में रहने वाले लोगो के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं होगी

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