छत पर सफ़ेद पेंट करने से गरमी क्यूँ कम हो जाती है(Why paint the ceiling white reduces the heat)

मई जून की गरमी , तापमान 50 डिग्री से ऊपर ऐसे में घर की छत ऐसे तपती है जैसे आग | तपती  छत की गरमी को कम करने के लिए वैसे तो कई उपाय बताए जाते है | लेकिन जो सबसे बेस्ट उपाय है , वो हैं घर की छत पर सफ़ेद पेंट से पुताई | ऐसा करने से आपको इंस्टेंट रिजल्ट ( Instant Result ) मिलते हैं | और गरमी की तपती दुपहरी में छत भी कम तपती है | लेकिन ऐसा आखिर होता क्यूँ है | आज हम को यही बताने जा रहे है की घर की छत पर सफ्र्द पेंट से पुताई करने से आखिर गर्मी कम क्यों हो जाती है |

देश के कई क्षेत्रो में गरमी का प्रकोप बहुत ज्यादा होता है , खासतौर से मिडिल क्लास परिवारों के लिए यह बहुत ही मुश्किलों से भरा दौर होता है |

कई बार तो गर्मी की वजह से लोगो को फोड़े फुंसियो की समस्या भी हो जाती है | और तो और लगातार गर्मी में रहने की वजह से डायरिया और लू जैसी समस्याए भी होने लगती है | और ऐसे में छत भी तपने लगती है | इसलिए आप रात में छत पर भी नहीं सो सकते | क्यूंकि क्रांक्रीट की छत गर्मी को सोख लेती है , जिससे छत बहुत ज्यादा गर्म हो जाती है |लेकिन घर की छत पर सफ़ेद पेंट करवाने से काफी राहत मिलती है | और वो भी बहुत जल्द , यहाँ तक की आपको तुरंत ही ठंडक का एहसास होता है | ऐसा कहा जाता है की सफ़ेद पेंट करने से सूर्य की किरने टकराकर वापस लौट जाती है | क्यूंकि सफ़ेद रंग सूरज की गरमी को रिफ्लेक्ट ( Reflect ) कर देता है | जिसकी वजह से तापमान ( Temprature ) काफी कम हो जाता है | संयुक्त संघ ( United Nation ) की एक रिपोर्ट में कहा गया है की …घर पर सफ़ेद पेंट करने से घर के तापमान को 7 डिग्री तक कम किया जा सकता है | और यह छत का तापमान भी 30 डिग्री तक कम हो सकता है | और ऐसे ही एक प्रोजेक्ट के तहत अहमदाबाद गुजरात के घरो में छतो पर सफ़ेद पेंट की पुताई की जा रही है | क्यूंकि यहाँ गर्मी में पारा 50 डिग्री तक पहुँच जाता है |  2017 में अहमदाबाद के 3,000 से अधिक घरो में सफ़ेद चूने और स्पेशल रेफ्लेक्टिव कोट  (Reflective Coat ) से पेंट किया गया है | इस तकनीक को रूफ कुलिंग तकनीक  (Roof Cooling Trechnique ) का नाम दिया गया है | इस technique को इस तरह डिजाईन किया गया है की घर के अन्दर गर्मी कम पहुंचे | इसके अलावा मकान ने पहले से जो गर्मी सोख राखी होती है सफ़ेद छत यूज़ भी बहार निकालने में मदद करती है |जिससे कमरे में ठंडक होती है | एक रिपोर्ट में तो यहाँ तक गया है की एक साफ़ सफ़ेद छत जो 80 प्रतिशत तक सूरज की रौशनी को वापस लौटा सके , जिसकी वजह से गर्मी की दोपहर में इसका तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी जा सकती है  |  वैसे यह रिसर्च कैलिफोर्निया में की गई है ..और भारत और कैलिफ़ोर्निया दोनों ही जगह की स्थितिया एक दुसरे से बिलकुल अलग है | जहाँ केलिफोर्निया में 60 प्रतिशत से अधिक छते मेटल , एस्बेस्टस और क्रांक्रीट का उपयोग करके बनाई जाती है | और उन पर सफ़ेद कोटिंग करने के बावजूद भी गर्मी बनी रहती है | लेकिन इसके  उलट भारत में अहमदाबाद और हैदराबाद में चल रहे इस पायलट प्रोजेक्ट को काफी सफलता मिली है  |

भोपाल में किए गए इस प्रयोग के बाद पता चला की कम ऊंचाई की इमारतो में सोलर रेफ्लेक्टिव पेंट ( Solar Reflective Paint ) से अधिक से अधिक गर्मी में भी 303 किलो वाट तक ऊर्जा की बचत की जा सकती है | यहाँ तक की साइंटिस्ट का ऐसा अनुमान है की यदि दुनिया की प्रत्येक छत पर कुलिंग पेंट से पुताई की जाए तो गोल्बल कार्बन उत्सर्जन  में भी काफी कम हो सकती है |

रेफ्लेक्टिव रूफ यानी सूरज की रौशनी को वापस भेजने वाली  छत 24 गीगाटन कार्बन डाई ऑक्साइड को ठंडा करने में सक्षम है | यह मात्रा इतनी है जितनी 20 सालो में 300 मिलियन कारो को हटाने से होगी |

इस प्रोजेक्ट की सबसे ख़ास बात यह है की यह एक बहुत ही सस्ता उपाय है , और भारत जैसे गरीब देश के लिए यह एक बेहतरीन उपाय है |

वैसे जहाँ इस तकनीक से काफी फायदे है , वहीँ इसके कुछ नुक्सान भी है |

क्यूंकि जहाँ गर्मी में छत गर्म होने से घर का तापमान बढ़ जाता है , और सफ़ेद पेंट करने से वो तापमान कम हो जाता है | वहीँ सर्दियों में जब छत को गर्म होने की ज़रूरत महसूस होगी तब आपको परेशानी हो सकती है | इसके अलावा आप छतो को उपयोग अन्य घरेलू कामो में नहीं कर सकते |    तो इस तरह घर की छत को तपने से बचाने के लिए उस पर सफ़ेद पेंट से पुताई करना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है |

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