अवसाद का इलाज भी संभव है अब |Depression treatment is also possible now

डिप्रेशन या तनाव एक ऐसी समस्या है जिससे आज लगभग हर दूसरा इंसान परेशान है | लेकिन आज भी लोग इसका इलाज करवाने से घबराते है | जहाँ तक की जब तक हालत गंभीर नहीं हो जाती तब तक इसे छुपाने की कोशिश की जाती है | लेकिन यह एक बहुत ही गंभीर समस्या है , दुनिया की एक बड़ी आबादी आज डिप्रेशन या तनाव से जूझ रही है | आज तक डॉक्टर भी इसका कोई सही इलाज खोजने में नाकामयाब ही रहे थे | लेकिन अब ऐसा दावा किया जा रहा है की डिप्रेशन का इलाज खोज लिया गया है |  और यह दावा किया है UCSF यूनिवर्सिटी के शोध कर्ताओं ने | चलिए इस न्यूज़ को विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं | यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया , सेन फ्रांसिस्को ( University of California , San Fransisco ) के कुछ डॉक्टर्स ने गंभीर तनाव (Severe Deression ) से जूझ रहे एक व्यक्ति के इलाज में सफलता प्राप्त की है | इसके लिए उन्होंने ब्रेन सर्किट (Brain Circuit ) के अन्दर जाकर अवसाद और तनाव को पहचानकर उसे लिंक करने की कोशिश की है |  इसको हम ऐसे समझ सकते है की …जब हम अवसाद में होते है , तो हमारा दिमाग किस तरह काम करता है , उस पैटर्न को समझकर उसे फिर से रिसेट कर दे तो हमें तनाव या अवसाद से छुटकारा मिल सकता है | यह पूरी प्रक्रिया कुछ कुछ वैसी ही हैजैसे की हृदय में लगे हुए पेस मेकर की होती है | पेस मेकर ह्रदय को इलेक्ट्रिक सिग्नल प्रदान करता है , ताकि आपका दिल लगातार धडकता रहे | यहाँ भी कुछ ऐसा ही किया गया है , यहाँ भी एक डिवाइस को आपके दिमाग के साथ जोड़ दिया जाएगा , जिससे की आपका दिमाग भी सही तरह से काम करता रहे | यह खोज अवसाद के इलाज में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है | 

इस प्रक्रिया में डॉक्टर्स ने जिस तकनीक का उपयोग किया है उसका नाम है  डीप ब्रेन स्टीमुलेशन ( Deep Brain Stimulation (DBS) ) वैसे तो इस तकनीक का उपयोग पार्किन्संस जैसी बीमारियों  के इलाज में किया जाता है | ;लेकिन इस केस में इस तकनीक को मरीज़ की अवस्था के हिसाब से थोडा परिवर्तित किया गया है | इस प्रक्रिया में एक चिकित्सिकीय प्रक्रिया के तहत एलेक्ट्रोड़ ( electroe) को दिमाग के कुछ ख़ास हिस्सों में प्रत्यारोपित (Implant ) किया जाता है | और यह जो इलेक्ट्रोड है वो हमारे दिमाग की असमान्य गतिविधि  (Abnormal activities ) को नियंत्रित करता है |क्यूंकि अगर हम परेशान है तो इसका सीधा सीधा सम्बन्ध हमारे दिमाग से है , ऐसे में अगर हम अपने दिमाग को नियंत्रित कर सके तो परेशानी से भी राहत मिल सकती है |

इसके अलावा DBS से उत्पन्न होने वाली इलेक्ट्रिक इम्पल्स (Electric impluse ) से दिमाग में होने वाली रासायनिक अनियमितता ( Chemical imbalance ) को भी नियंत्रित किया जा सकता है  |जिसकी वजह से कई बसमस्याए उत्पन्न होती है |

DBS में तीन मुख्य भाग होते है –

इलेक्ट्रोड अथवा लेड  |Electrode or Lead –

यह एक पतला , कुचालक तार होता है जिसे की खोपड़ी में एक छोटे से छेद के द्वारा अन्दर डाला जाता है | और दिमाग में एक ख़ास जगह पर इसे प्रत्यारोपित किया जाता है |

 एक्सटेंशन वायर  |Extension Wire –

यह भी एक कुचालक तार होता है , जो की सर के अन्दर की त्वचा , गर्दन और कंधो तक जाता है और electrod को सिस्टम के तीसरे पार्ट से जोड़ता है |

इंटरनल पल्स जनरेटर |Internal Pulse Generator (IPG )–

यह तीसरा भाग होता है , इसकी वजह से ही इलेक्ट्रिक इम्पल्स का निर्माण होता है | इसे आपकी छाती के ऊपरी भाग में लगा दिया जाता है |

अब जनरेटर की मदद से इलेक्ट्रिक इम्पल्स पैदा होंगी , जिसकी वजह से इलेक्ट्रोड सही तरह से काम करेगा और दिमाग में होने वाली परेशानी का इलाज संभव हो पाएगा |

यह किस तरह मदद करेगा  |How This Helps ?

DBS की मदद से कई बीमारियों का इलाज संभव है जैसे डिसटोनिया (Dystonia ) , एपिलेप्सी (Epilepsy ) , tumour , पार्किन्संस आदि |

लेकिन जहाँ तक अवसाद या तनाव की बात है तो DBS से किए गए सभी प्रयोगों में एक सीमा तक ही सफलता मिली है , अधिकांश उपकरण केवल दिमाग के एक हिस्से को  निरंतर विद्युत उत्तेजना (Electrical Stimulation )  देने में सक्षम हैं …..जबकि अवसाद की समस्या में हमें बार बार इसे रेगुलेट करना पड़ता है | इस वजह से अवसाद के इलाज में इसका उपयोग सफल नहीं हो पा रहा था |

लेकिन इस बार UCSF के डॉक्टर्स ने अवसाद के इलाज के लिए DBS में कुछ परिवर्तन किए , जिसके बाद अब जैसेही दिमाग में अवसाद वाला पैटर्न उत्पन्न होता है , वैसे ही यह इलेक्ट्रिक इम्पल्स को उत्पन्न करता है | इसके बाद यह दिमाग के पैटर्न को ठीक करने की कोशिश करता है |

इसके साथ ही टीम ने एक न्यूरल बायोमार्कर  (Neural Biomarker ) की भी इसके साथ जोड़ा गया जो की अवसाद के समय उत्पन्न होने वाले लक्षणों को पहचानेगा ताकि सही समय पर इलेक्ट्रिक इम्पल्स उत्पन्न हो सके |अगर यह प्रयोग सफल रहा तो अवसाद से ग्रसित लाखो करोडो लोगो के इलाज में बहुत अधिक मदद मिल सकेगी | अवसाद से जूझ रहे लोगो के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं होगा |

अवसाद (Depression ) इस दुनिया की एक सामान्य बीमारी है | एक अनुमान के अनुसार 3.8 % आबादी इस परेशानी को झेलने के लिए मजबूर है | जिसमे से 5 प्रतिशत युवा और 5.7 % 60 या उससे अधिक उम्र के बुज़ुर्ग है |

देखा जाए तो इस वक्त लगभग पूरी दुनिया में 280 करोड़ लोग अवसाद से पीड़ित है | सामान्यता लोग पहचान ही नहीं पाते की अवसाद क्या है | दरअसल अवसाद सामान्य मूड परिवर्तन या तीव्र आवेश या भावुक प्रवत्ति से अलग होता है |  और कई बार इसके चलते लोगो को आत्महत्या करने का मन भी करने लगता है | मनुष्य अपने आपका हारा हुआ महसूस करता है , उसे लगता है की उसका कोई नहीं है , और वो बिलकुल अकेला है \ ऐसे में वो अकसर गाल्ट फैसले भी ले लेता है |

यहाँ ज़रूरी है की अगर आपके किसी दोस्त या रिश्तेदार को अवसाद की समस्या है तो उसे फौरन किसी डॉक्टर से  सलाह लेने के लिए बोले | और उसको अकेला न छोड़े | उसे एहसास दिलाए की आप उसके साथ है |सही और पोषक भोजन और सही इलाज से कुछ ही दिनों में इस समस्या का निदान संभव है |

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