टाइम मैनेजमेंट के टिप्स

short info :- समय के सदुपयोग में ही जीवन की सफलता का रहस्य नहीं थे राजा हो या रंक मूर्ख हो

या विद्वान समय किसी के लिए अपनी गति मंद नहीं करता इसलिए सबको जीवन में सफलता के लिए समय का सदुपयोग करना ही पड़ता है

आज तक जितने भी महापुरुष हुए हैं उनकी सफलता का रहस्य जीवन के हर पल का सदुपयोग ही रहा है

कठिनाइयों एवं संघर्षों का का सामना करते हुए वे निरंतर अपने निर्धारित लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे

और एक दिन अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल रहे समय के मूल्य को समझने वाले लोगों की दिनचर्या हर रोज सुबह शुरू हो

जाती है बुद्धिमान व्यक्ति अपने अवकाश के समय को भी व्यर्थ नहीं जाने देते किंतु आलसी एवं अकड़ना लोग देर तक सोए रहते हैं|

इस संदर्भ में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने बड़ी अच्छी बात कही है -”समय की मां बीते वर्षों से नहीं की जाती

बल्कि उस से की जाती है कि कोई उस अवधि में क्या करता है कैसा महसूस करता है और क्या प्राप्त करता है”|

जीवन में प्रत्येक कार्य के लिए नियत समय निर्धारित होता है पढ़ने के समय पढ़ना चाहिए

एवं खेलने के समय खेलना कक्षा में बैठकर खेलकूद की बातों में खोए रहना एवं खेल के मैदान में

पढ़ाई लिखाई की बातें करने को तर्कसंगत नहीं कहा जा सकता अंग्रेजी में कहा गया है “

  • वर्क व्हाईल यू वर्क एंड प्ले व्हाईल यू प्ले दिस इज द वे टू बी हैप्पी एंड डे”

अर्थात प्रत्येक दिन खुश रहने के लिए काम के समय काम करो एवं खेल के समय खेल करो।

प्लेटफार्म पर खड़ी रेलगाड़ी अपने यात्रियों की प्रतीक्षा नहीं करती और देर से पहुंचने वाले अफसोस करते रह जाते हैं

इसी तरह समय भी किसी की प्रतीक्षा नहीं करता अंग्रेजी में कहा गया है

टाइम एंड टाइड वेट फॉर नन अर्थात समय और समुद्र की लहरें किसी की प्रतीक्षा नहीं करते

मानव जीवन में समय की महत्ता को समझाने के लिए प्रकृति में भी उदाहरण भरे पड़े हैं

कभी-कभी बरसात के मौसम में वर्षा इतनी देर से शुरू होती है कि खेतों में लगी फसलें सूख जाती हैं

ऐसे में भला वर्षा होने का भी क्या लाभ भक्त कवि तुलसीदास ने प्रकृति के इसी

उदाहरण का उल्लेख करते हुए जीवन में समय की महत्ता को इस प्रकार से समझाया है 

  • समय चुकी पुनी पछताने
  • का बरखा जब कृषि सुखाने

दिन भर काम करने के बाद रात्रि में सही समय पर बिस्तर पर सोने के लिए चले जाना चाहिए

देर से सोने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है इसी प्रकार सुबह देर से उठने पर भी बहुत से कार्यों के अधूरे रहने का भय रहता है,

अधिकतर लोगों को अपना समय मनोरंजन में व्यतीत करते देखा जाता है मनोरंजन भी जीवन के लिए अनिवार्य हैं

किंतु काम करने के समय यदि मनोरंजन किया जाए तो उसे किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं ठहराया जा सकता

अतः किस समय क्या कार्य करना है अपनी दिनचर्या में इसकी समुचित व्यवस्था करना अत्यंत आवश्यक है

जिस मनुष्य का कार्यक्रम सुनिश्चित नहीं होता उसका अधिकांश में व्यर्थ नहीं इधर उधर की बातों में बीत जाता है।

शरण्या समय की अवहेलना कर विद्या अर्जित नहीं की जा सकती करण का त्याग कर धन अर्जित नहीं किया जा

सकता धन कमाने के वाले के लिए धन का कण-कण महत्वपूर्ण होता है

एवं विद्या कमाने वाले के लिए क्षण का कण-कण कीमती होता है जो लोग समय का सदुपयोग नहीं करते

उन्हें जीवन में सफलता हाथ लगने मुश्किल हो जाती है खिलाड़ियों को समय रहते खेल का अभ्यास करना पड़ता है

खेल खत्म हो जाने के बाद उनके लिए अफसोस करने के अतिरिक्त कुछ विशेष नहीं रह जाता

इसलिए अंग्रेजी में कहा गया है टाइम इज मनी अर्थात समय ही धन है जो इस धन को यूं ही लूट आता रहता है

वह 1 दिन समय का रोना रोता रहता है किंतु बाद में पछताने से कुछ नहीं मिलने वाला है

इसलिए समय की महत्ता को देखते हुए हमें इस के सदुपयोग पर ध्यान देना चाहिए।

जो व्यक्ति अपना निश्चित कार्यक्रम बनाकर मानसिक विकृतियों को स्थिर एवं संयमित करके कार्य करता है

उसे जीवन संग्राम में अवश्य सफलता प्राप्त होती है,

वैसे तो यह नियम प्रत्येक आयु वर्ग के व्यक्ति पर लागू होता है कि तू विद्यार्थी जीवन में इस नियम की सर्वाधिक महत्ता है,

जो विद्यार्थी नियत समय में पूर्ण मनोयोग के साथ अपनी पढ़ाई करते हैं उन्हें सफलता अवश्य मिलती है

इसी तरह समय का उपयोग करना तो आत्महत्या के समान है ही समय का दुरुपयोग भी उससे कुछ कम नहीं है

क्योंकि समय के बीच जाने के बाद अफसोस करने से बीता हुआ समय कभी भी वापस नहीं आ सकता

शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए समय पर सोना समय पर उठना एवं भोजन व्यायाम तथा

अन्य कार्यों को सुनिश्चित ढंग से समय पर करना आवश्यक है धन दौलत को जमा कर रखा जा सकता है

किंतु समय को जमा नहीं किया जा सकता सुबह की शुद्ध हवा का आनंद उठाने के लिए सुबह ही उठना होगा

देश से उठने वाले को सुबह की स्वच्छ बनूर निरोगी हवा नसीब नहीं हो सकती है

साथ ही समय का सदुपयोग करने से मनुष्य की व्यक्ति प्रति तो होती है उसके व्यक्तित्व में भी निखार आता है

तभी तो वे रिप्लेस ने समय को सबसे बुद्धिमान सलाहकार कहां है

समय का सदुपयोग एक निश्चित दिनचर्या से ही संभव है मनुष्य जीवन ईश्वर की दी हुई नियमत है

इसलिए इसे उठाने के लिए दूसरों के लिए सार्थक बनाना ही मनुष्य का धर्म है

और मनुष्य अपने धर्म का निर्वाह तभी कर सकता है जब उस समय की गति को समझें और उसका सदुपयोग करें

हमें जो सब हाल ही कहीं इन पंक्तियों के मर्म को समझने और उसे अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है

प्रतिदिन एक लघु जीवन है तथा हमारा संपूर्ण जीवन सिर्फ एक ही दिन की पुनरावृत्ति है

इसलिए हमें एक-एक दिन को इस प्रकार जीना चाहिए जैसे व जीवन का आखिरी दिन है.

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